लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

By | December 30, 2021

लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

Table of Contents

Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns

CHOCOLATE MAKING

आपने हमारा Article  बेटे ने की चॉकलेट खाने की ज़िद ने लॉकडाउन में शुरू करवा दिया टीचर मम्मी का साइड बिज़नेस आर्टिकल पढ़ा होगा। उस पर  कई रीडर्स का कमेंट आये कि , हम ही अगर चॉकलेट मेकिंग बिज़नेस स्टार्ट करना चाहते है। तो कैसे करे।

आपको आत्मनिर्भर, सक्षम, सफल बनाने की लिए हम आपको कम लागत में शुरू होनेवाले तमाम बिज़नेस की पूरी जानकारी देंगे, ताकि आप चाहें तो अपना बिज़नेस शुरू करके अपने सपने का नई उड़ान दें.

क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट मेकिंग बिज़नेस की शुरुआत एक लाख से भी कम पूंजी लगाकर किया जा सकता है?  BRAND  के नाम से चॉकलेट ख़रीदनेवाले भी आज होममेड चॉकलेट की मांग करने लगे हैं. चॉकलेट की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए चॉकलेट मेकिंग शुरू कर आप छोटा-सा इन्वेस्टमेंट करके आसानी से अपना बिज़नेस शुरू कर सकती हैं.

शुरू में आप कम पूंजी में इसकी शुरुआत करके मांग बढ़ने पर इसका विस्तार कर सकती हैं. हर रोज़ 1000 चॉकलेट तैयार करने के लिए किन-किन चीज़ों की ज़रूरत होगी, आइए इसके बारे में जानते हैं.

मशीन और आवश्यक सामग्री पर ख़र्च

बॉयलरः डबल बॉयलर का एक बर्तन . हर  एक  की क़ीमत 550 रुपए APPROX

मोल्डः चॉकलेट बनाने के लिए विविध आकार के मोल्ड. हर मोल्ड की क़ीमत 20 रुपए. इस प्रकार के 10 मोल्ड यानी 200 रुपए(20X10).

(PACKING PAPER ) रैपर्सः  बाज़ार में चॉकलेट के रंगीन रैपर्स उपलब्ध हैं. 300 रैपर्स के एक पैकेट की क़ीमत है 60 रुपए.

( TWISTER ) ट्विस्टर्सः  चॉकलेट रैप करने के बाद उस पर लपेटी जानेवाली तार को ट्विस्ट टाय या मेटल कॉलर्स कहते हैं. क़ीमत 20 रुपए.

(Refrigerator ) रेफ्रिजटरः चॉकलेट सेट करने के लिए रेफ्रिजटर की आवश्यकता होती है. क़ीमत 10000-12000 रुपए से शुरू.

चॉकलेट बिज़नेस के लिए कुल मिलाकर पूंजी 80000-90,000  रुपए की ज़रूरत होती है. अधिक उत्पादन के लिए अधिक पूंजी की ज़रूरत होगी. कम समय में अधिक उत्पादन के लिए ऑटोमैटिक या सेमी ऑटोमैटिक मशीन भी बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हैं, कीमत 5000-6000 रुपए.

लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

CHOCOLATE MAKING

स्थान और कर्मचारी ख़र्च

स्थानः आप जहां रहती हैं, वह घर बड़ा हो, तो घर में ही चॉकलेट बिज़नेस शुरू किया जा सकता है.

* किराए का मकान लेकर भी बिज़नेस किया जा सकता है. अपने बजट के अनुसार किराए की जगह भी ले सकती हैं.

* बिजली का बिल हर शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. बिल 500 रुपए बाक़ी ख़र्च तक़रीबन 5000 रुपए.

* हर रोज़ 5 कर्मचारी काम करें, तो 1000 चॉकलेट का उत्पादन किया जा सकता है.

* हर एक कर्मचारी का वेतन हर रोज़ 200 रुपए के हिसाब से महीने का वेतन 200x5x25= 25000.रुपए.

* प्रशासकीय ख़र्च (किराया छोड़कर) 1000 रुपए.

 

कच्चा माल ( Raw Material )

* प्रतिदिन चॉकलेट उत्पादन के लिए 10 किलो डार्क चॉकलेट की आवश्यकता होगी. 1 किलो डार्क चॉकलेटः  180. रुपए प्रतिदिन का ख़र्चः 180×10 = 1800 रुपए.

* प्रतिदिन 1000 चॉकलेट के लिए 5 किलो मिल्क चॉकलेट की आवश्यकता होगी. 1 किलो मिल्क चॉकलेटः 240 रुपए प्रतिदिन का ख़र्चः 240×5= 1200 रुपए.

* प्रतिदिन घरेलू गैस का ख़र्चः 15 रुपए.

* गैस और कच्चा माल ख़र्चः 3015 रुपए.

* कंपनी और क्वालिटी पर चॉकलेट की क़ीमत निश्‍चित की जा सकती है.

उपरोक्त सामग्री से बेसिक चॉकलेट उत्पादन कर सकती हैं. आल्मंड चॉकलेट जैसे चॉकलेट उत्पादन के लिए बादाम या अन्य ड्रायफ्रूट्स की ज़रूरत हो सकती है. इसकी क़ीमत बेसिक चॉकलेट के हिसाब से अधिक होगी.

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इसे हमेशा याद रखें

* चॉकलेट का अच्छी तरह से ख़्याल रखा जाए, तो उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

* चॉकलेट में इस्तेमाल की जानेवाली सामग्री की क्वालिटी पर उसका स्वाद और उसे ज्यादा समय तक सुरक्षित रखना निर्भर करता है.

* खाद्य पदार्थ होने के कारण इसे बनाते समय साफ़-सफ़ाई का ख़ास ध्यान रखें.

* चॉकलेट के मीठेपन की वजह से चींटियां, मक्खियां उसकी तरफ़ आकर्षित हो जाती हैं, इसलिए इसे बनाते समय सफ़ाई का विशेष           ध्यान देना आवश्यक है.

चॉकलेट पैकिंग

* चॉकलेट बिक्री के समय उसकी क्वालिटी व पैकिंग की तरफ़ विशेष ध्यान देना ज़रूरी है.

* अपने प्रोडक्ट का नामकरण यानी प्रभावशाली नाम देने से बाज़ार में अपनी एक अलग पहचान बनाई जा सकती है.

* इसके पैकेजिंग पर विशेष ध्यान होना चाहिए, क्योंकि चॉकलेट मीठा खाद्य पदार्थ है. इसके रैपर भी अच्छी क्वालिटी के होने चाहिए,      ताकि ग्राहक तक पहुंचने तक वह सुरक्षित रहे.

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उत्पादन की बिक्री

उत्पादन की बिक्री पर ही नफ़ा यानी प्रॉफिट निर्भर रहता है, इसलिए जितनी अधिक बिक्री उतना ही अधिक नफ़ा. यही तो बिज़नेस स्ट्रैटेजी है.

* चॉकलेट बेचने के लिए अपनी अलग मार्केटिंग स्ट्रैटेजी हो, जिससे आप अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब हो सकें.

* इसे फुटकर व्यापारी के पास बेचने के लिए रख सकती हैं. इसके लिए आपको अपने प्रोडक्ट की उसे पहचान करानी होगी.

* मॉल कल्चर ने बड़ी मज़बूती से अपने पैर मेट्रो सिटीज़, जैसे- मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरू आदि बड़े शहरों में जमाए हैं, जहां आप अपने चॉकलेट बेचने के लिए रख सकती हैं.

* सोशल मीडिया के युग में आप अपने प्रोडक्ट को सोशल मीडिया साइट पर डालकर उसे मशहूर (Famous) बना सकती हैं.

* फेसबुक व व्हॉट्सऐप जैसी सोशल साइट के द्वारा भी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकती हैं.

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लघु उद्योग लाइसेंस

* लघु उद्योग प्रारंभ करने से पहले व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है.

* लघु उद्योगों के लिए सरकार विविध प्रकार से सहायता करती है, इसलिए रजिस्ट्रेशन कराके इसका लाभ अवश्य लें.

* चॉकलेट के बिज़नेस में फूड एंड हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ़ से लाइसेंस प्राप्त करना ज़रूरी है. इसे हासिल करने के लिए हर एक शहर के नियम अलग-अलग हैं.

* खाद्य पदार्थ होने के कारण चॉकलेट के बिज़नेस में एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डस अथॉरिटी ऑफ इंडिया) लाइसेंस हासिल करना ज़रूरी है.

 

उत्पादन और क़ीमत (प्रतिदिन)

प्रतिदिन चॉकलेट उत्पादन         1000

फुटकर में चॉकलेट की क़ीमत      6 रुपए

एक चॉकलेट की क़ीमत              10 रुपए

फुटकर व्यापार करनेवाले को

मिलनेवाला प्रॉफिट                    4 रुपए

 

 

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

डार्क चॉकलेट         10 किलो  x 180 रुपए(1 किलो का दाम)  =       1800 रुपए

मिल्क चॉकलेट        5 किलो x  240 रुपए (1 किलो का दाम) =         1200 रुपए

गैस                         तक़रीबन                                                                     15 रुपए

चॉकलेट रैपर्स                                                                                        200 रुपए

ट्विस्टर्स                                                                                                      67 रुपए

कुल ख़र्च                                                                                              3282 रुपए

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जमा ख़र्च

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च             1,08,050 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(82050+25000+1000)

कच्चा मालः 82050 रुपए (3282 x 25)

कर्मचारी वेतनः  25000 रुपए.

प्रशासकीय ख़र्च 1000.रुपए

25 दिनों में कुल उत्पादन (1000 x 25)         25000.रुपए

हर महीने चॉकलेट की बिक्री से होनेवाला लाभ

जैसे कि एक होलसेल चॉकलेट की            150000 रुपए

क़ीमत  6 रुपए (25000 x 6)

हर महीने का प्रॉफिट                       41950 रुपए

(150000-108050)

1 साल का प्रॉफिट (41950 x 12)              503400 रुपए

 

चॉकलेट के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. इसके लिए आप इन वेबसाइट की मदद ले सकती हैं.

www.amazon.com

www.flipkart.com

 

कर्ज़/लोन ( LOAN)

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकती हैं. हर एक बैंक का ब्याज़ दर अलग-अलग होता है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

 

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