जीवन का आनंद लेना ही आर्ट ऑफ लिविंग है: श्री रविशंकर

By | November 9, 2021

जीवन का आनंद लेना ही आर्ट ऑफ लिविंग है: श्री रविशंकर

 

 

 

 

 

 

 

आर्ट ऑफ़ लिविंग कोर्स में सच में जीवन जीने की कला सिखाई जाती है।
यदि आप भी यह कोर्स ज्वाइन करना चाहते है और आप सहारनपुर में रहते है।तो आप Milan Bhaiya  ,Shalabh Bhaiya या Deepak  Bhaiya भैया को कांटेक्ट कर सकते है। जो वर्षो से सहारनपुर में यह कोर्स Organize  करवा रहे है। और निष्काम भाव से इस सेवा प्रकल्प में जुड़े हुए है।

आर्ट ऑफ़ लिविंग कोर्स में सुदर्शन क्रिया भी सिखाई जाती ह। जो मैंने ज़िन्दगी में अब तक सबसे (miraculous )चमत्कारपूर्ण  चीज सीखी है।

सुदर्शन क्रिया क्या है ‘सु’ का मतलब होता है ‘सही’ और ‘दर्शन’ का मतलब है ‘विजन या दृष्टि’। इस तरह से इसका मतलब हुआ कि इस क्रिया को करने से आपको सही दृष्टि मिलती है।सुदर्शन क्रिया एक सहज लयबद्ध शक्तिशाली तकनीक है जो विशिष्ट प्राकृतिक श्वांस की लयों के प्रयोग से शरीर, मन और भावनाओं को एक ताल में लाती है।

100 benefits of Sudarshan Kriya

समदोषः समाग्निश्च समधातुमलक्रियः । प्रसन्नात्मेन्द्रियमनाः स्वस्थ इत्यभिधीयते ॥ यह तकनीक तनाव, थकान और क्रोध, निराशा,अवसाद जैसे नकारात्मक भावों से मुक्त कर शांत व एकाग्र मन, ऊर्जित शरीरके साथ एक गहरा विश्राम प्रदान करती है। सुदर्शन क्रिया जीवन को एक विशिष्ट गहराई प्रदान करती है, इसके रहस्यों को उजागर करती है। यह एक अध्यात्मिक खोज है, जो हमें अनंत की एक झलक देती है। सुदर्शन क्रिया स्वास्थ्य, प्रसन्नता, शांति और जीवन से परे के ज्ञान का अज्ञात रहस्य है!

 

यह सांसों से जुड़ा एक योगासन है जिसमें कभी धीमे तो कभी तेज गति से सांसे अंदर बाहर करनी होती है। इस क्रिया को नियमित रूप से करने से आप सांसो पर पूरी तरह नियंत्रण पा लेते हैं जिससे आपका इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है और आप कई तरह की मानसिक बीमारियों से दूर रहते हैं। साल 2009 में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार सुदर्शन क्रिया एंग्जायटी और अवसाद से आराम दिलाने में काफी असरदार है।

असली ख़ुशी

इसे करने में किसी तरह का कोई रिस्क नहीं है और इससे दिमाग और शरीर का सही संतुलन बना रहता है। सुदर्शन क्रिया में कुल मिलकर 4 चरण होते हैं। -उज्जयी प्राणायाम -भस्त्रिका प्राणायाम -ओम का जाप -क्रिया योग सुदर्शन किया के निरंतर अभ्यास से मन वर्तमान में रहने लगता है और आप सभी कार्यों में अपना सौ प्रतिशत प्रयत्न देने लगते हैं। मन का स्वभाव मन का एक स्वभाव होता है कि वह भूतकाल में जाकर अपने साथ हुई खुशी के पल या दुख के क्षण को याद करता रहता है या मन भविष्य में चला जाता है।

 

भविष्य के बारे में विचार करते हुए व्यक्ति या तो खुश होता है कि उसका भविष्य बहुत अच्छा है या इस बात से दुखी हो जाता है कि उसका भविष्य बहुत बुरा है और उसके साथ सब बुरा होने वाला है। जो बीत गया है याने कि भूतकाल में बीत गये अच्छे और बुरे क्षण के बारे में आप कुछ नहीं कर सकते हैं और भविष्य आपके हाथ में नहीं है। आप भविष्य को अच्छा बनाने के लिए सिर्फ प्रयास कर सकते हैं।

।।भगवान की गोद में सर रख कर मौत।

न चैनं सहसाक्रम्य जरा समधिरोहति । स्थिरीभवति मांसं च व्यायामाभिरतस्य च ॥ मन की यह भूतकाल और भविष्यकाल में जाने की प्रवृत्ति को सुदर्शन क्रिया के निरंतर अभ्यास से मन को वर्तमान में लाया जा सकता है। जब व्यक्ति का मन वर्तमान में होता है तो वह अपने प्रत्येक कार्य में अपना सौ प्रतिशत लगा सकता हैं और निश्चित ही सौ प्रतिशत प्रयास करने से कोई भी कार्य का परिणाम अच्छा ही होगा। आप जब किसी कार्य में अपना सौ प्रतिशत दे देते हैं तो फिर आप उसके परिणाम से परेशान नहीं होंगे क्योंकि आपको यह पता होता है कि आपने सौ प्रतिशत प्रयास किया।

 

सावधानियां

 

इसे करने से पहले एक बार डॉक्टर से अपनी जांच करवा लें कि आप मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट है या नहीं फिर इसके बाद ही इसे करें। जो लोग पहले से ही किसी मानसिक रोग से पीड़ित हैं या प्रेगनेंट महिलायें इस क्रिया को ना करें।

 

सुदर्शन क्रिया करने के फायदे -इसे करने से व्यक्ति के पूरे शरीर का स्वास्थ्य बेहतर होता है। -इससे व्यक्ति के शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और बॉडी का एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। -व्यक्ति के सारे अंग सुचारू रूप से काम करने लगते हैं और कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है। -इसे नियमित करने से व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। -व्यक्ति का मन शांत रहता है जिससे आप भरपूर नींद का आनंद ले पाते हैं। -व्यक्ति के स्ट्रेस और एंग्जायटी को दूर भगाने में यह प्राणायाम काफी असरदार है। -व्यक्ति केदिमाग को शांत रखता है जिससे आप उसका बेहतरीन उपयोग कर पाते हैं। -व्यक्ति के चेतना का विकास -होता है और आप आस पास की चीजों को लेकर और ज्यादा जागरूक हो जाते हैं। -व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

सुदर्शन क्रिया का पेटेंट लिया गया है और इसका ऑडियो विक्रय के लिए नही है, जबकि आप विभिन्न प्राणायाम, निर्देशित ध्यान और योग आसन की सीडी किसी भी आर्ट ऑफ लिविंग के स्टोर से ले सकते हैं। समाज के लाभ के लिए ये उच्च ज्ञान केवल आर्ट ऑफ लिविंग के टीचर के द्वारा ही प्राप्य है जिन्होने सुदर्शन क्रिया सिखाने के लिए एक कठोर और बृहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। कोर्स के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के टीचर सभी प्रतिभागियों से किसी भी विशेष मार्गदर्शन के लिए व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं और उन्हे उचित सलाह देते हैं| आर्ट ऑफ लिविंग की सुदर्शन क्रिया mp3 फॉर्मॅट में उपलब्ध नही है। जब आप कोर्स के लिए रजिस्टर करते हैं अपने आर्ट ऑफ लिविंग टीचर को अपने स्वास्थ्य की स्थिति से अवश्य अवगत कराएँ( जैसे, गर्भावस्था, उच्च रक्त छाप, मानसिक रोग) आर्ट ऑफ लिविंग टीचर आपके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार आपको विशेष निर्देश देंगें।

सहारनपुर में आर्ट ऑफ़ लिविंग से जुड़े हुए सभी महानुभावो के नाम एवं कांटेक्ट नंबर

 

 

 

 

Milan Bhaiya

contact :-9219637533

 

 

 

 

 

Shalabh Bhaiya

contact :-98976 28846

 

 

 

 

 

Deepak Bhaiya

contact :- 9219294560

 

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